वित्त मंत्री अरुण जेटली बुजुर्गों के लिये शुक्रवार (21 जुलाई) को पेंशन योजना की शुरुआत करेंगे. इसके तहत उनकी बचत पर आठ प्रतिशत की दर से नियत ब्याज मिलेगा. वित्त मंत्रालय ने गुरुवार (20 जुलाई) को एक बयान में कहा कि इस योजना को चलाने की जिम्मेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम को दी गयी है. इस उत्पाद को ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन खरीदा जा सकता है. PMVVY (प्रधानमंत्री वय वंदना योजना) एक पेंशन योजना है. सरकार ने यह योजना विशेष रूप से 60 साल और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिये बनायी है. यह चार मई 2017 से तीन मई 2018 तक उपलब्ध होगी. बयान के मुताबिक, ‘योजना के तहत 10 साल के लिये आठ प्रतिशत सालाना (प्रभावी रूप से यह 8.30 प्रतिशत के बराबर) निश्चित ब्याज मिलेगा.’ पेंशन 10 साल की अवधि के दौरान पेंशनभोगियों की खरीद के समय चुने गये विकल्प के मुताबिक मासिक, तिमाही, छमाही, वार्षिक मिल सकता है. योजना को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट दी गयी है. पेंशन लिये जाने के तीन साल बाद नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिये खरीद मूल्य का 75 प्रतिशत तक कर्ज लेने की अनुमति होगी. बयान के मुताबिक कर्ज पर ब्याज की वसूली पेंशन भुगतान तथा ऋण दावा राशि से प्राप्त किया जाएगा. योजना से अपनी या पति/पत्नी दोनों में से किसी की गंभीर बीमारी की स्थिति में समयपूर्व बाहर निकलने की अनुमति होगी. ऐसी स्थिति में खरीद मूल्य का 98 प्रतिशत वापस किया जाएगा. पेंशनभोगी की पॉलिसी अवधि में मृत्यु की स्थिति में खरीद मूल्य लाभार्थियों को दे दिया जाएगा. ब्याज की गारंटी और वास्तविक ब्याज के बीच अंतर तथा प्रशासनिक खर्च से संबद्ध लागत का भुगतान सरकार सब्सिडी के रूप में एलआईसी को करेगी.
Friday, July 21, 2017
PM मोदी का बुजुर्गों को बड़ा तोहफा, अब बुजुर्गों को नहीं रहना पड़ेगा किसी पर निर्भर।
वित्त मंत्री अरुण जेटली बुजुर्गों के लिये शुक्रवार (21 जुलाई) को पेंशन योजना की शुरुआत करेंगे. इसके तहत उनकी बचत पर आठ प्रतिशत की दर से नियत ब्याज मिलेगा. वित्त मंत्रालय ने गुरुवार (20 जुलाई) को एक बयान में कहा कि इस योजना को चलाने की जिम्मेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम को दी गयी है. इस उत्पाद को ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन खरीदा जा सकता है. PMVVY (प्रधानमंत्री वय वंदना योजना) एक पेंशन योजना है. सरकार ने यह योजना विशेष रूप से 60 साल और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिये बनायी है. यह चार मई 2017 से तीन मई 2018 तक उपलब्ध होगी. बयान के मुताबिक, ‘योजना के तहत 10 साल के लिये आठ प्रतिशत सालाना (प्रभावी रूप से यह 8.30 प्रतिशत के बराबर) निश्चित ब्याज मिलेगा.’ पेंशन 10 साल की अवधि के दौरान पेंशनभोगियों की खरीद के समय चुने गये विकल्प के मुताबिक मासिक, तिमाही, छमाही, वार्षिक मिल सकता है. योजना को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट दी गयी है. पेंशन लिये जाने के तीन साल बाद नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिये खरीद मूल्य का 75 प्रतिशत तक कर्ज लेने की अनुमति होगी. बयान के मुताबिक कर्ज पर ब्याज की वसूली पेंशन भुगतान तथा ऋण दावा राशि से प्राप्त किया जाएगा. योजना से अपनी या पति/पत्नी दोनों में से किसी की गंभीर बीमारी की स्थिति में समयपूर्व बाहर निकलने की अनुमति होगी. ऐसी स्थिति में खरीद मूल्य का 98 प्रतिशत वापस किया जाएगा. पेंशनभोगी की पॉलिसी अवधि में मृत्यु की स्थिति में खरीद मूल्य लाभार्थियों को दे दिया जाएगा. ब्याज की गारंटी और वास्तविक ब्याज के बीच अंतर तथा प्रशासनिक खर्च से संबद्ध लागत का भुगतान सरकार सब्सिडी के रूप में एलआईसी को करेगी.
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