भ्रष्ट राज के चंद हितेषी इतिहास बदलने को कहते है
सिकंदर गौरी गजनि बाबर अकबर महान कहते है
एक बात पुछना चाहता हु सता के ठेकेदारो से
अकबर कैसे हो गया महान , महाराणा कयुं ना महान हुआ
जो दर दर भटका विरानो में मातृ भूमि की रक्षा को
उस आज़ादी के परवाने का पग पग यहाँ अपमान हूआ
जो नारी के लोभी थे , मीना बाजार लगाते थे
आज़ाद हिंद में कयुं सदैव उनका ही गुनगान हुआ
वो भुल के हल्दीघाटी को अकबरनामा बतलाते है
चेतक की गाथा याद नहीं , बाबर का वंशज याद रहा
पृथ्वी शिवा राणा प्रताप का ना इनके मन में भान हुआ
सत्ता के लोलूपो को बस सत्ता ही से प्यार हुआ
एक बात पुछना चाहता हु सता के ठेकेदारो से
अकबर कैसे हो गया महान , महाराणा कयुं ना महान हुआ
Written By :_निखिल दाधिच

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