Friday, November 23, 2012

जिहाद


मित्रो आज  ये जिहाद के बारे में सोच रहा था  की क्या ये सच में खुदा का आदेश है तो याद आया अगर खुदा का आदेश होता तो ये जिहादी मुल्ले कुत्ते की मौत नहीं मरते । जिहाद में कोई ताकत नहीं है अगर होती तो क्या लादेन ऐसी मौत मरता की उसे दो गज जमीं तक नसीब नहीं हुई । यही सोच में एक दो चार लाइनों की कविता लिखी है मैंने पसंद आये तो लाइक जरुर करे और अगर पसंद न भी आये तो अपने सुझाव जरुर दे ताकि भविष्य में कुछ अच्छा  लिखने की प्रेरणा मिले । जय श्री राम 

जिहाद नाम में अगर जरा भी रूहानी ताकत होती ।
लादे जैसो की कभी कुत्ते सी मौत नहीं होती ।।
बेगुनाहों की हत्या में कभी खुदा की रज़ा नहीं होती ।
ऐसे लोगो को जन्नत क्या , दो गज जमीं नसीब नहीं होती ।।

मजहब की आग लगाने वाले सुन ले ।
तु खुद एक दिन जल जायेगा  ।।
महाकाल जिस रोज धरा पर  आएगा ।
भारत तो क्या इस दुनिया से नाम तेरा मिट जायेगा ।।

निखिल दाधीच (एक हिन्दू)

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